असीम आकाश
Monday, 25 May 2026
डूब जाए सूर्य भी जब...
डूब जाए सूर्य भी जब, घुप सघन अँधियार कर।
रो पड़े जब आसमां भी बेहिसी विस्तार पर।
खिलखिला उठती यकायक देख जिसको यामिनी।
तालियाँ बजती रहें उस चाँद के किरदार पर।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद (उ.प्र)
No comments:
Post a Comment
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment