असीम आकाश
Tuesday, 23 June 2026
लखनऊ अग्नि कांड की भयावह त्रासदी पर...
बुन रहे थे स्वप्न कल के, दोष क्या था बालकों का।
देखकर संतान बढ़ती, खुश हृदय था पालकों का।
खो नियंत्रण भूख पर क्यों, काल आ लपका इन्हीं पर,
भेद सकता उर न कोई, सृष्टि के इन चालकों का।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद
Wednesday, 17 June 2026
बेबी बूमर्स...
'ओके बूमर' कह हमें, खारिज़ करते लोग।
पिछड़ा हमको मानकर, बात न करते लोग।।
ईयरबड रख कान में, फिरते ये ज़ूमर्स।
दर्द किसे अपना कहें, हम बेबी बूमर्स।।
साथ हमारे लग गया, बेबी बूमर टैग।
अपमानों का हर घड़ी, पीते भर-भर पैग।।
बूमर पीढ़ी ले रही, शनैः शनेः अवकाश।
छोड़ जेन जी के लिए,विस्तृत भू-आकाश।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद
फोटोज गूगल से साभार
Monday, 15 June 2026
विकट घाम में पौसले....
विकट घाम में पौसले, देते जीवन दान।
बड़े पुण्य का काम है, प्यासे को जलदान।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद
Thursday, 28 May 2026
आज फिर...
आज फिर इन बारिशों में,
भीगने का मन बनाया।
प्रीत जागी फिर हृदय में,
फिर तुम्हारा ध्यान आया।
सृष्टि के अवयव सभी अब,
कर रहे संकेत सुख के।
साफ है मौसम हृदय का,
छँट रहे हैं मेघ दुख के।
मौन अधरों पर हमारे,
कौन मृदु मुस्कान लाया।
आज फिर....
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद (उ.प्र.)
Tuesday, 26 May 2026
मेरा औरा और...
मुझसे मेरी सी कहें, पर पीछे कुछ और।
बने रहें सबके भले, यही आज का दौर।।
मेरे सिर आशीष है, उनके सिर पर मौर।
मेरा औरा और है, उनका औरा और।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद ( उ.प्र.)
Monday, 25 May 2026
डूब जाए सूर्य भी जब...
डूब जाए सूर्य भी जब, घुप सघन अँधियार कर।
रो पड़े जब आसमां भी, बेहिसी विस्तार पर।
खिलखिला उठती यकायक, देख जिसको यामिनी।
तालियाँ बजती रहें उस, चाँद के किरदार पर।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद (उ.प्र)
Saturday, 23 May 2026
कुंडलिया...
बाँधे बच्चा पीठ पर, करती दिनभर काम।
श्रम-सीकर पीकर रहे, सहे जेठ की घाम।
सहे जेठ की घाम, न कोई समझे मन को।
कैसे उतरे दूध, लगे क्या खाया तन को।
हुई दोहरी पीठ, झुके जाते हैं काँधे।
दूभर सुख की आस, सबर भी कब तक बाँधे।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद ( उ.प्र. )
फोटो गूगल से साभार
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