Tuesday, 17 March 2026

आयी मीठी ईद...

कुरान गीता बाइबिल, सार सभी का एक।
धर्म चुनो कोई मगर,  कर्म करो बस नेक।।

पथ सच्चाई का वरो, करो न खोटे कर्म।
जात-पाँत सब व्यर्थ है, मानवता ही धर्म।।

ग्रंथ पवित्र कुरआन है, रहमत की बरसात।
सूरा पहला फ़ातिहा,  आयत जिसमें सात।।

पढ़ें सभी अल फ़ातिहा, सूरा प्रथम कुरान।
दया रहम अल्लाह करे,  बंदा अपना जान।।

हर बरकत दे आपको, पाक माह रमजान।
पथ पर नेकी के चलो, कहती है कुरआन।।

जब्ते नफ़्स की तरबियत, देती है कुरआन।
पाकीज़ा मन को करे,  पाक माह रमजान।।

रोजे रख कर पढ़ें यदि, पाँचों वक्त नमाज।
अमन-चैन कायम रहे,   संयत रहे समाज।।

मदद मुस्तहिक़ की करें, आएँ उनके काम।
तन-मन-धन से साथ दें, करें न केवल नाम।।

जब्ते नफ़्स की तरबियत, देती है कुरआन।
पाकीज़ा मन को करे,  पाक माह रमजान।।

सब रातों में श्रेष्ठ है, रात लैलतुल कद्र।
जैसे कोई मौलवी,       जैसे कोई सद्र।।

रोज़ों का अंतिम चरण, हरि राया की धूम।
शॉपिंग करतीं नारियाँ,  गली-गली में घूम।।

हर्ष मगन मन नाचता, हुआ चाँद का दीद।
कितने रोज़ों बाद अब,    आयी मीठी ईद।।

© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद ( उ.प्र. )

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