असीम आकाश
Thursday, 2 July 2026
नाम सिया रक्खा था जिसका...
नाम सिया रक्खा था जिसका, कर्म स्याह कर डाले।
कितनी खुशियाँ निगलीं पल में, घर तबाह कर डाले।
रिश्ते गलत बना दूजे से, मंगेतर को मारा।
किए आड़ में सिया नाम की, करतब कितने काले।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद
फोटो गूगल से साभार
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