Wednesday, 2 April 2025

जय माता स्कंद की...

जय हो माँ पद्मासने,       लिए गोद स्कंद।
मुखमंडल पर सोहता, रवि सा तेज अमंद।।

बुद्धि देतीं कुबुद्धि को, अनपढ़ को दें ज्ञान।
रखें मात स्कंद की,   हर संतति का ध्यान।।

अंक विराजें मात के, बाल रूप स्कंद।
अभय दान दे भक्त को, काटें भौतिक फंद।।

अंक सुशोभित मात के, बाल रूप स्कंद।
रिपुओं से रक्षा करें,     भक्त रहें निर्द्वन्द।।

© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद

फोटो गूगल से साभार

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